logo

bharwa aam ka achar

  • bharwa aam ka achar

Share This

  • Cuisine : indian भारतीय
  • Course : Others

 आम को बिच से चिरा लगा कर , अचार का मसाला तैयार करके आम के बिच में दबा – दबा कर भर कर बनाया जाता है | इस अचार में मसालों में तेल नहीं मिलाया जाता बल्कि उपर से तेल डालकर रखा जाता है |इस आम के अचार का स्वाद बाकि आम के अचारो से अलग होता है सही quqality के आम , मसालों और नमक का सही सयोजंन होने से ये अचार सालो – साल ख़राब नहीं होते हैं आइये इसे बनाने की विधि देखें –
 


Ingredients

    ११\२ किलो आम ( बिच से चार भागो में चीरे हुए )और गुठली निकले हुए
    १\२ कटोरी छीले हुए लहसुन
    २०० ग्राम पिली सरसों की दाल
    ७० ग्राम मेथी के बिज
    ५० ग्राम जीरा
    ८० ग्राम कश्मीरी लाल मिर्च पावडर
    ३० ग्राम तीखा लाल मिर्च
    ५० ग्राम हल्दी
    १० ग्राम सौंफ
    १० ग्राम करायेर
    २ छोटे चम्मच हिंग
    ४ बड़े चम्मच चीनी
    नमक
     

Recipe By

Method

  • १ . आम को धो कर पोंछ कर सुखा लें|

    २ , कड़ाई गर्म करें और मेथी को डालकर धीमी आंच में महक आने तक भुन लें |

    ३ . मेथी को कड़ाई से निकल कर दुसरे बर्तन में रख लें , इसमें सौंफ, जीरा ,५ ग्राम करायेर डालकर भुन लें धीमी आंच में महक आने तक |
    ४ इसे भी मेथी के सांथ ढाल कर रख लें गैस बंद कर दें , इसी गर्म कड़ाई में सरसों की दाल को डालकर गर्म कर लें |

    ५ . इन भुने हुए सूखे मसलों को ठंडा होने के बाद मिक्सी के जार में डालकर हल्का दरदरा पिस लें |

    ६ . सरसों की दाल को भी एक बार चला लें , सारे मसालों को एक सूखे बर्तन में पिस कर ढाल कर रखते जाएँ |

    ७ . बचा हुआ ५ ग्राम करायेर मिला दें , कश्मीरी लाल मिर्च , तीखा लाल मिर्च , हल्दी ,  हिंग और चीनी डाल दें अच्छे से मिला लें |

    ८ . अब नमक मिलाने के लिए मसालों को दो बराबर भागो में बाँट लें दो अलग – अलग कटोरियों में बराबर भर लें , अगर दो कटोरी
         मसाला बना है तो एक कटोरी नमक लें और मसालों में अच्छे से  मिला लें |

    ९ आम को बिच से खोल कर मसालों को भरें बिच – बिच में लहसुन रखते जाएँ |

    १० उपर तक दबा - दबा कर मसालें भरते जाएँ |

    ११ . इसी तरह से सारे आमो के बिच में मसाले भरते जाएँ , लहसुन की कलियाँ भी रखते जाएँ

    १२ . सरसों के तेल को कड़ाई को गर्म करें और गैस बंद कर दें और गर्म कड़ाई में डालदें |

    १३  . सुखी हुई आचार की बर्नी में रखते जाइये भरे हुए आमो को , सारे आम को रखने के बाद उपर से सरसो का तेल डाल दें , तेल उपर           तक भरा होना चाहिए , आम तेल में डूबे हुए होने चाहिए |

    टिप्स – अचार बनाने के लिए मई के महीने में जो एकदम कडक चेर वाले आम आते हैं उन आमो को लें  |

          आम को धो कर कटवाएं , बाजार में  या घर पर भी आम को काट सकते हैं , आम काटने का सरोता होना चाहिए|

        , लोहे की धार वाली चाकू से किसी भरी चीजो से ठोक – ठोक कर भी आम काटा जाता है |

          आम का अचार बनाते समय उपयोग में लायी गई सारे बर्तन सूखे होने चाहिए |

          नमक की सही मात्रा डालने से अचार साल भर से भी ज्यादा ख़राब नहीं होते हैं \

          चीनी अगर नहीं पसंद हो तो नहीं डालें |

          अचार हमेशा  निकाल कर अलग छोटे जार में खाने के लिए रखें , रोज बड़े बरनी को ना खोलें जितनी कम हवा लगेगी  बरनी में ,तो         अचार खराब नहीं होगा |

         सरसों के तेल को एकदम गर्म करके अचार में नहीं डालें , गर्म कड़ाई में डालकर गैस बंद कर दें , इससे तेल का स्वाद साल भर तक             ठीक रहेगा |